पटना

ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस ने आयोजित की निबंध प्रतियोगिता,पुरस्कृत हुए सफल प्रतिभागी

पटना। ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस विजय दिवस के अवसर पर बच्चों के बीच निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया।
राजधानी पटना के कुरथौल फुलझड़ी गार्डेन स्थित दीदी जी फाउंडेशन के संस्कारशाला में निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में कक्षा 1 से लेकर कक्षा 10 तक के बच्चों ने भाग लिया। इस निबंध प्रतियोगिता का विषय स्वामी विवेकानंद और भारतीय संस्कृति था।

 

इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री राम कृपाल यादव मौजूद थे। श्री यादव ने चयनित 15 बच्चों को पुरस्कृत किया। बच्चों को किताब ,कॉपी, पेन, पेंसिल ,पाठ्य सामग्री दी गई। उन्होंने बच्चों के सुखद भविष्य की कामना की।

 

माननीय सांसद श्री राम कृपाल यादव जी ने कहा छात्र देश का भविष्य है इसलिए युवा वर्ग के विकास के लिए तरह-तरह से गतिविधियां करते जानी चाहिए। युवा पीढ़ी को स्वामी विवेकानंद के सिखाए गए आदर्शों को अपनाने की जरूरत है। उन्होंने दीदी जी फाउंडेशन के संस्थापक डॉ नम्रता आनंद के समाज के प्रति किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

 

दीदी जी फाउंडेशन की संस्थापिका एवं समाज सेविका शिक्षिका डॉ नम्रता आनंद ने श्री रामकृपाल यादव को बिहार के आदर्श शिक्षक पुस्तक एवं अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। हाल ही में शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर जी ने बिहार के आदर्श शिक्षक का लोकार्पण किया था। इसमें राष्ट्रीय राजकीय सम्मान से अलंकृत डॉ नम्रता आनंद समेत 24 शिक्षकों के जीवन वृतांत और संस्मरण को लिखा गया है।

 

इस अवसर पर ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और सेवा मानवाधिकार आयोग के राष्ट्रीय प्रभारी एवं दीदी जी फाउंडेशन की संस्थपिका डॉ नम्रता आनंद ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कहा था उठो जागो और तब तक मत रुको जब
तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाए स्वामी विवेकानंद आज हमारे बीच में नहीं है लेकिन उनके संदेश आज भी लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

 

इस अवसर पर समाजसेवी मिथिलेश कुमार सिंह ,चुन्नू सिंह, रंजीत ठाकुर ,चंदा कुमारी, साजन सिंह अंकित कुमार, मंटू यादव ,समेत कई गणमान्य लोग भी मौजूद थे। कार्यक्रम को सफल बनाने में , रंजीत ठाकुर, चंदा,अंजलि, खुशी ,नेहा अंजली ,अंजना, दीपक, लव कुश, राजा, प्रिंस राजनंदनी देवी स्वाति लवली आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

इसे भी पढ़ें

Back to top button

You cannot copy content of this page