पटना

ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनीं डा. नम्रता आनंद

सेवा कार्य एवं मानवाधिकार प्रकोष्ठ की प्रभारी बनीं डा. नम्रता आनंद

पटना।  ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) के कार्यकारिणी में फेर बदल करते हुए डाक्टर नम्रता आनंद को प्रमोट करते राज्य से ऊपर राष्ट्रीय स्तर क़ी ज़िम्मेदारी दी गई है।उन्हें बिहार प्रदेश अध्यक्ष से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया । साथ में सेवा कार्य एवं मानवाधिकार प्रकोष्ठ का प्रभारी नियुक्त किया गया है।जीकेसी सूत्रों के अनुसार यह फ़ैसला कोर कमेटी की मीटिंग में सर्वसम्मति से लिया गया है।

डा. नम्रता आनंद ने ख़ुशी जाहिर करते हुए जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद और प्रबंध न्यासी श्रीमती रागिनी रंजन तथा कोर कमिटी के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया है, साथ ही कहा कि उन्हें जो जिम्मेवारी सौंपी गयी है उसमें अपना शत प्रतिशत देने का प्रयास करेंगी और कायस्थ समाज को आगे बढ़ानें में उनसे जहां तक संभव हो सकेगा, उसमें अपना योगदान देंगी।

गौरतलब है कि डा. नम्रता आनंद जीकेसी बिहार की प्रथम प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए बिहार अपने एक साल सात महीने के कार्यकाल में महादेवी वर्मा सम्मान, बिहार के लगभग सभी जिलों में शंखनाद यात्रा, कई कायस्थ चौपाल, विश्व कायस्थ सम्मेलन, सात दिवसीय स्थापना दिवस समारोह, होली मिलन समारोह, मुख्य न्यासी रागिनी रंजन की ड्रीम प्रोजेक्ट गो ग्रीन अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण कार्यक्रम,कोरोना जागरूकता, महिला सशक्तीकरण , समेत कई कार्यक्रमों के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है।

डा. नम्रता अनन्द ने कहा, सेवा कार्य करना मेरा जुनून है। उन्होंने बताया कि किसी भी व्यक्ति के नैतिक, शारीरिक, सामाजिक और आध्यात्मिक कल्याण को बनाए रखने के लिए मानव अधिकारों की आवश्यकता होती है। मानव अधिकार इसलिए भी आवश्यक हैं क्योंकि वे लोगों के लिए भौतिक और नैतिक उत्थान के लिए उपयुक्त स्थिति प्रदान करते हैं।बेहतर समाज. के लिये जरूरी है, मानव अधिकारों का संरक्षण हो । जीकेसी का सेवा और मानवाधिकार प्रकोष्ठ के माध्यम से वह मानव हित की रक्षा के लिये काम करेंगी।

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