समस्तीपुर

सुशासन बाबू के शासन में एक सरकारी अधिकारी थानाध्यक्ष के कार्यशैली से हैं परेशान

समस्तीपुर। भले ही सुशासन बाबू की सरकार बिहार में शासनिक एवं प्रशासनिक महकमे में गुड गवर्नेंस की बात क्यों न कर ले।लेकिन कड़वी सच्चाई यही है कि अधिकतर थानों में पदस्थापित थानाध्यक्ष हो या सरकारी दफ्तर के बाबू सभी अपनी कार्यशैली को लेकर लगातार चर्चे में रहते है।यहां तक कि वे किसी से सीधी बात तक करना मुनासिब नही समझते।थाने के बड़ा बाबू हो या दफ्तर के उनके कार्यशैली उन्ही लोगों से समझा जा सकता है जो इनके चक्कर मे पड़े हो। ऐसा ही एक मामला बिहार के समस्तीपुर से आया है जहां एक सरकारी मुलाजिम ही पुलिसिया कार्य कलाप से परेशान है।

 

 

मामला जिले के मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के हरपुर एलौथ का है। समस्तीपुर प्रखंड में कार्यरत कृषि समन्यवक नीरज कुमार न्याय के लिए अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर लगा रहा है । पीड़ित कृषि समन्यवक का बताया कि कृषि इनपुट की राशि लाभुकों को दिए जाने को लेकर उनके द्वारा हरपुर एलौथ पंचायत में लाभुकों से मिले आवेदन की जांच कर कुछ आवेदन को अस्वीकृत कर दिया गया । जिसकों लेकर पंचायत के ही विद्यासागर चौधरी उर्फ कन्हैया और उनके कुछ सहयोगियों के द्वारा उनके मोबाइल पर गाली गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई । जिसकी लिखित शिकायत उनके द्वारा अपने विभाग से लेकर थांने को भी दी गई ।

 

 

लेकिन घटना के 12 दिन बीत जाने के बाद भी प्राथमिकी दर्ज नही की गई । इस संबंध में जिला कृषि पदाधिकारी ने भी थानाध्यक्ष को एफआईआर दर्ज करने को लेकर पत्र लिखा बाबजूद कोई कार्रवाई नही की गई । पीड़ित कर्मी का कहना है कि जान मारने की धमकी के बाद वो क्षेत्र में निकल नही पा रहे है। जिसके कारण काम भी प्रभावित हो रहा है । वंही इस मामले पर डीएसपी सदर कैमरे पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया । उनका कहना है कि उन्हें इस तरह के किसी भी मामले की कोई जानकारी नही है । ऐसे में बड़ा सवाल है कि जंहा सरकारी कर्मी को सुरक्षा नही मिल पा रही हो वंहा आम लोग को कैसे न्याय मिल पायेगा ।

 

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