ब्यूरो रिपोर्ट

नौगछिया के एडीजे ने दिया मानवता का परिचय, अपने वेतन से चुकाया एक विधवा का कर्ज

भागलपुर। जिले के नवगछिया के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय अमिताभ चौधरी ने अपने वेतन से 25 हजार रुपये देकर एक विधवा के बैंक ऋण को चुकाया। राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रथम बेंच पर एडीजे तृतीय मामलों की सुनवाई कर रहे थे। इसी दौरान उनके सामने खरीक बाजार स्थित स्टेट बैंक के सर्टिफिकेट केस का एक मामला सामने आया।

 

बताया गया कि नंदलाल दास ने स्टेट बैंक की खरीक शाखा से ऋण लिया था। नंदलाल दास की मौत कैंसर से पीड़ित होने के कारण हो गई थी। क्योंकि पैसे के चलते उनका उचित इलाज नहीं हो पाया था और उनकी मौत हो गई थी। विधवा को एक पुत्र भी है और वह भी मंदबुद्धि का है। बैंक का 1,06,863 का ऋण वापस नहीं करने पर विधवा पर सर्टिफिकेट केस कर दिया गया था।

 

विधवा राष्ट्रीय लोक अदालत में पहुंची थी। महिला ने बताया कि बैंक का ऋण वापस करने में वह असमर्थ है क्योंकि उसके पति की मौत कैंसर के कारण इलाज नहीं होने से हो गई और पुत्र भी मंदबुद्धि का है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय ने मानवता का परिचय देते हुए इस मामले का समझौता स्टेट बैंक से 25 हजार रुपये में करवाया।इसके बाद स्वयं अपने वेतन से 25 हजार रुपये बैंक को भुगतान कर दिया।

 

एडीजे के द्वारा निभाए गए मानवता धर्म एवं विधवा के सहयोग के लिए पूरे कोर्ट परिसर में न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं अपने अपने वादों का निस्तारण करने आए लीगों ने इसकी खुले मन से सराहना की।

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