ब्यूरो रिपोर्ट

औरंगाबाद के शिक्षाविद राकेश कुमार द्वारा लिखित एवं एनबीटी द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘लोकराज के लोकनायक’ ने मचाया धमाल, हुई आउट ऑफ मार्केट

 

ब्यूरो रिपोर्ट। औरंगाबाद शहर के निवासी और प्रसिद्ध शिक्षाविद् राकेश कुमार द्वारा लिखित पुस्तक “लोकराज के लोकनायक” इन दिनों धूम मचा रही है। नेशनल बुक ट्रस्ट, भारत, नई दिल्ली (NBT,New Delhi) द्वारा प्रकाशित पुस्तक : ‘लोकराज के लोकनायक’ मूलतः प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और संपूर्ण क्रांति के नायक जयप्रकाश नारायण की जीवनी है जो भारत@75 श्रृंखला के तहत आजादी के अमृत महोत्सव में शामिल है।एनबीटी द्वारा “लोकराज के लोकनायक” पुस्तक को बिक्री के लिए बाजार में लाते ही पाठकों ने इसे हाथों-हाथ लिया है। कुछ ही दिनों में यह पुस्तक आउट ऑफ स्टॉक हो गई।

अखबार दैनिक जागरण के वरिष्ठ पत्रकार(स्टेट हेड) अरविंद शर्मा ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि एनबीटी द्वारा इस पुस्तक को यथाशीघ्र ब्रिक्री के लिए बाजार में उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
वरिष्ठ समालोचक स्वामी व्यालोक और कवि आशुतोष गौरव ने लेखक को बधाई और शुभकामनाएँ सोशल मीडिया पर संप्रेषित कर लेखक के लेखन शैली की तारीफ की है।पुस्तक ‘लोकराज के लोकनायक’ का लेखन प्राथमिक स्त्रोतों को आधार बनाकर बिल्कुल ही सरल भाषा और पठनीय प्रवाह में लिखा गया है। एक पाठक ने लिखा है कि भाषायी प्रवाह इतना जबरदस्त है कि मैंने सिंगल सीटिंग में ही इस किताब को पढ़ डाला।

लोकराज के लोकनायक पुस्तक में लेखक ने जेपी से सीधे जुड़े लोगों का संस्मरण भी बड़े ही रोचक व आसान भाषा में लिखा है। लेखन में शब्दों का सातत्य, भाषा का प्रवाह औऱ रोचकता ने पाठकों को पुस्तक के साथ बांधने का काम किया है। इस पुस्तक में शोध कार्य द्वारा नये-नये रोचक तथ्यों को शामिल किया गया है।

 

आचार्य विनोबा भावे के भूदान आंदोलन के बारे में तो तकरीबन सब लोग जानते हैं किंतु भूदान से आगे जयप्रकाश नारायण द्वारा ‘जीवनदान और महुआदान की कहानी’ को पहली बार प्रकाश में लाया गया है।‘लोकराज के लोकनायक’ पुस्तक के लेखक राकेश कुमार ने emaatimes को बताया कि उन्हें पुस्तक के ऑनलाइन बिक्री की जानकारी नहीं थी किन्तु किसी पाठक द्वारा फोन कर बताया गया कि आपकी पुस्तक आउट ऑफ स्टॉक हो गई है।

लेखक राकेश कुमार ने नेशनल बुक ट्रस्ट, भारत, नई दिल्ली का लिंक फेसबुक पर शेयर करते हुए लिखा है कि एक लेखक के लिए इससे बड़ा संतोषदायी बात क्या हो सकती है कि पुस्तक को पाठक द्वारा हाथों-हाथ लिया जाए। लेखक ने सुधी पाठकों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए लिखा है कि पुस्तक: लोकराज के लोकनायक हुआ आउट ऑफ स्टॉक(Out of stock)। सुधी पाठकों के स्नेह और आशीर्वाद पाकर मैं अभिभूत हूँ।इस पुस्तक में जेपी के औरंगाबाद से जुड़ाव और संस्मरणों को भी रोचक तरीके से शामिल किया गया।

 

एम्मा टाइम्स की तरफ से लेखक को लेखकीय सफलता और औरंगाबाद जिला समेत बिहार को गौरवान्वित करने के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं। आपको बताते चले कि हमारे emaatimes पोर्टल पर इतवारी खास ‘लोकराज के लोकनायक’ पुस्तक के लेखक राकेश कुमार के द्वारा ही आप सुधी पाठकों के लिए पेश किया जाता है।

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