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निर्वाची एवं सहायक निर्वाची पदाधिकारी के बाद सेक्टर पदाधिकारी ही होते हैं चुनाव के मुख्य उत्तरदायी पदाधिकारी:डीएम

 

औरंगाबाद, कपिल कुमार

नगरपालिका निर्वाचन की तैयारी अब जोरो पर है। विदित हो की जिले के पांच नगर निकायों के तीन पदों का चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अक्टूबर माह में ही सम्पन्न करा लिया जाना है। ऐसे में सभी निर्वाचन की प्रक्रियाएं ससमय पूरा हो जाय जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। इसी कड़ी में गुरुवार को नगर भवन औरंगाबाद में प्रशिक्षण कोषांग के द्वारा सभी नगर निकायों के लिए प्रतिनियुक्त सेक्टर पदाधिकारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में कुल 61 सेक्टर पदाधिकारी मौजूद थें। उपस्थित सेक्टर पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी सौरभ जोरवाल ने बताया की चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पूरी मतदान प्रक्रिया संपन्न होने तक निर्वाचन प्रबंधन हेतु सेक्टर की नियुक्ति की जाती है जो की निर्वाची और सहायक निर्वाची पदाधिकारी के बाद सबसे ज्यादा जिम्मेवार पदाधिकारी होते हैं। सभी सेक्टर पदाधिकारी अपने अपने संबद्ध निर्वाची पदाधिकारी से सेक्टर का नक्शा तथा मतदान केंद्रों का मार्ग चित्र प्राप्त कर लें। मतदान केंद्रों तक पहुंच की सुविधा सुगम एवं सरल हो, मतदान केंद्रों पर सभी आवश्यक मूलभूत बुनियादी सुविधाएं मौजूद हों आदि की जांच पड़ताल कर लें और संबंधित पदाधिकारी को ससमय रिपोर्ट कर दें। खास कर नव गठित नगर निकायों के अंतर्गत बने नए मतदान केंद्रों के बारे संबंधित मतदाताओं को जानकारी हो गई है ये जरूर सुनिश्चित कर लें। मतदाताओं को निर्वाचक सूची में उनके नाम और अन्य प्रविष्टियों की जांच सुनिश्चित करलें। लोगो में मतदान के प्रति जागरूक करने का भी कार्य सेक्टर पदाधिकारी द्वारा किया जाना चाहिए। सेक्टर पदाधिकारी मतदान के दिन खराब हुए ईवीएम को ठीक करने या बदलने में का भी कार्य मास्टर प्रशिक्षक की सहायता से करते हैं ताकि मतदान कार्य बाधित न हो। इस अवसर पर निर्वाची पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी औरंगाबाद विजयंत कुमार ने बताया की मतदाताओं में विश्वास उत्पन्न करने के उपाय और मानचित्रण असुरक्षा में सुधार लाने के लिए आम सूचना एकत्र करके लोगों के साथ बार बार मुलाकात कर व्यापक विचार विमर्श करना चाहिए। साथ ही मतदान केंद्रों की संवेदनशीलता की जानकारी प्राप्त कर संबंधित पदाधिकारी को सूचित करें ताकि ससमय निदान किया जा सके। भय और धमकी के प्रति असुरक्षित बस्तियों या टोलों तथा मतदाता के संभागों एवं वर्गो का पता लगाकर इसकी सूचना हमे दें। साथ ही उन लोगों का भी पता लगाना चाहिए को इन्हे असुरक्षित बनाते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित सेक्टर पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए नोडल पदाधिकारी प्रशिक्षण कोषांग सह उप निर्वाचन पदाधिकारी मोहम्मद गजाली ने बताया की सेक्टर पदाधिकारी मतदान के लिए मतदाताओं की स्वतंत्र पहुंच सुनिश्चित करने के जिम्मवारी होती है। सभी सेक्टर पदाधिकारी को ससमय वाहन एवं पुलिस पदाधिकारी भी उपलब्ध करा दिए जायेंगे। सभी लोग आज से ही अपने संबंधित मतदान केंद्रों का भ्रमण करना प्रारंभ कर दें। ध्यान रहे किसी भी उम्मीदवार का कार्यालय मतदान केन्द्र से 200 मीटर की दूरी से बाहर होना चाहिए। अभ्यर्थियों द्वारा प्राधिकृत प्रचार वाहनों की आवाजाही, संपत्ति को विरूपित करने, अनाधिकृत प्रचार, सार्वजनिक इमारतें, सरकारी वाहनों, सरकारी कर्मचारियों के दुरुपयोग तथा आदर्श आचार संहिता के सभी संभव उल्लंघनों पर नजर रखेंगे और उनकी रिपोर्ट करेंगे। इस अवसर पर मुख्य मास्टर प्रशिक्षक राजकुमार प्रसाद गुप्ता ने सेक्टर पदाधिकारियों के सभी प्रकार के कार्य एवं दायित्व के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। मास्टर प्रशिक्षक ने सेक्टर पदाधिकारियों के मतदान पूर्व दायित्व के अंतर्गत मतदान स्थल, मतदाताओं, मानचित्र वेद्यता की जानकारी दी। साथ ही मतदान की पूर्व संध्या तथा मतदान के दिन के उनके कार्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा की यह चुनाव स्थानीय स्तर के होते हैं जहां हम कार्यरत होते हैं । अतः आपसे जिला प्रशासन यह अपेक्षा रखती है की आप स्वतंत्र, निष्पक्ष, त्रुटिरहित एवं विवादरहित चुनाव कराने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर प्रशिक्षण कोषांग के सहयोगी पदाधिकारी सह जिला कार्यक्रम पदाधिकारी दयाशंकर सिंह, गार्गी कुमारी, रवि कुमार सहित कोषांग के सहायक कर्मी सह मास्टर प्रशिक्षक शशिधर सिंह, सैयद मोहम्मद दायम, विकास पासवान , कुंदन कुमार ठाकुर, अंकित कुमार, अखिलेश शर्मा, अमित रंजन भास्कर, अजीत कुमार, श्रवण कुमार , नरेश सिंह, कमलेश ठाकुर आदि मौजूद थें।

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