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शहर के शांति विहार कॉलोनी में आयोजित श्री मद् भागवत कथा के पहले दिन सुनाई ज्ञानभक्ति वैराग्य कि कथा, कहा श्रीमद् भागवत कथा सुनने से मिलती है प्रेत पिड़ा से मुक्ति: मनोहर मिश्र

औरंगाबाद, कपिल कुमार

शहर के शांति विहार कॉलोनी में पिछले 17 सिंतबर से चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन बनारस से आए हुए सुप्रसिद्ध कथा वाचक डा. मनोहर मिश्र महाराज ने ज्ञान भक्ति वैराग्य की कथा सुनायी। डा. मनोहर मिश्र महाराज ने शनिवार की शाम कथा में बताया कि एक बार देव ऋषि नारद जी श्रीधाम वृंदावन में आए तो ज्ञान और वैराग्य को मुर्छित देखा एवं भक्ति महाराणी विलाप कर रही थी। भक्ति महारानी देव ऋषि नारद जी से अपने दोनों पुत्र ज्ञान एवं वैराग्य ए की मुर्छा दूर करने का उपाय पुछा नारद जी के समाधान करने से ज्ञान एवं वैराग्य की मुर्छा दूर नहीं हुई तो नारद जी सनकादिक भगवान जो चार रूपों में हमेशा बाल ब्रम्हचारी बनकर देवात्मा हिमालय में विचरण करते है जिनका नाम है सनक, सनन्दन, सनातन और सनत्कुमार इन सनकादिक भगवान से ज्ञान भक्ति वैराग्य के दुःख दुर करने के लिए श्री मद् भागवत महापुराण की कथा सुनते हैं । श्री मद्भागवत जी की कथा प्रारंभ होते ही ज्ञान भक्ति और वैराग्य जवान होकर हरिनाम का संकिर्तन करते हुए
कथा में प्रकट हो गए। डा.मनोहर मिश्र जी महाराज ने बताया कि श्री मद्भागवत महापुराण की कथा सुनने से मानव जीवन में ज्ञान भक्ति एवं वैराग्य की जागृति हो
जाती है फिर किसी सौभाग्यशालि को गुरु एवं गोविंद की कृपा से श्री मद् भागवत जी की कथा करवाने का सौभाग्य प्राप्त हो जाए तो उसका कल्याण तो निश्चित हीं हो जाता है। वहीं दूसरी ओर डा. मनोहर मिश्र जी महाराज ने आत्मदेव ब्राम्हण की कथा विस्तार पूर्वक सुनाया
एवं कथा का सारांश बताते हुए महाराज श्री ने बताया
कि गोकर्ण जी जैसे विद्वान ब्राम्हण के द्वारा श्री गया
जी में पिंडदान एवं तर्पण करने के बाद भी धुंंधकारी
जैसे प्रेतात्मा का उद्धार नहीं होता है तो उसके उद्धार के
लिए श्रीमद् भागवत महापुराण की कथा का आयोजन गोकर्ण
जी महाराज के द्वारा किया जाता है जिससे धुंंधकारी
की प्रेतात्मा की मुक्ति हो जाती है। अत: मानवमात्र के
कल्याण तो भागवत जी की कथा सुनने से होती हीं है ।
प्रेत पिड़ा से भी मुक्ति मिल जाती है। कथा के बीच बीच में भागवत भजन-कीर्तन के द्वारा माहौल भक्ति मय बना हुआ था एवं श्रोतागण झुमते हुए ताली बजाते हुए भजन-कीर्तन का आनंद ले रहे थे । कथा के मुख्य यजमान विगन पाण्डेय, विकास पाण्डेय एवं संगीत मंडली के राजकुमार, कन्हैया जी, शैलेन्द्र कुमार, अजय मिश्रा कन्हैया कुमार, भाजपा नेता उज्ज्वल सिंह,शिक्षक नेता अशोक पांडेय, शिक्षक बिपिन कुमार सिंह, बबन कुमार, रविन्द्र सिंह, अशोक सिंह, विराट ब्राह्मण परिषद के सचिव योगेश मिश्र,अनिल सिंह,शिव कुम्मर सिंह सहित
कई गणमान्य सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।

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