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प्रारंभिक शिक्षकों को दीपावली पर्व से पहले वेतन दे सरकार :- संघ, संगठन मजबूती एवं शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर हुयी बैठक

औरंगाबाद, कपिल कुमार

बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ जिला शाखा की एक बैठक शहर के गेट स्कूल सभाकक्ष में आयोजित किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष छठु सिंह एवं संचालन जिला मीडिया प्रभारी अशोक पांडे ने की। बैठक में जिला प्रधान सचिव विनय यादव, जिला कोषाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह, जिला उपाध्यक्ष संतोष सिंह, उदय कुमार, रणविजय कुमार, जिला प्रवक्ता डॉ चंद्रदीप राम एवं जिला मीडिया प्रभारी अशोक पांडे ने संयुक्त रूप से कहा कि शिक्षकों को प्रतिमाह वेतन भुगतान की सरकारी दावे खोखले साबित हो रहे हैं।। पंचायती राज संस्था एवं नगर निकाय संस्था अंतर्गत नियोजित प्रारंभिक शिक्षकों को सितंबर से ही वेतन भुगतान नहीं मिला है जबकि सरकार शिक्षकों को समय पर वेतन देने की बात कहती रही है | ज्ञातव्य हो कि किसी भी पर्व त्यौहार के पूर्व वेतन मिलना खासकर के नियोजित शिक्षकों को दुर्लभ साबित होता है |
जिला सलाहकार मनोज कुमार, जिला कार्यालय सचिव सुबोध सुमन, जिला सचिव संतोष सिंह, मनोज कुमार ने कहा कि दीपावली पर्व के पूर्व शिक्षकों को वेतन भुगतान सुनिश्चित कराने हेतु जिले को अविलंब आवंटन उपलब्ध कराई जाए साथ ही शिक्षकों के विभिन्न प्रकार के अंतर वेतन बकाया जिसमें नव प्रशिक्षित शिक्षकों के बकाया, 15% का वेतन वृद्धि का बकाया, डीपी प्रशिक्षण का बकाया समेत कई तरह के बकाए भुगतान वर्षों से लंबित है | विभाग समुचित राशि जिले को आवंटित नहीं कर रही है जिस वजह से शिक्षक अपने वेतन बकाया पाने से वंचित हैं |
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु शिक्षकों की हालात को सुधारना पड़ेगा क्योंकि शिक्षक आर्थिक, मानसिक, शारीरिक प्रताड़ना से जूझते रहते हैं | हरेक समस्याओं के समाधान हेतु विद्यालय छोड़कर सड़क पर संघर्ष करने के बाध्य होना पड़ता है।शिक्षक नियोजन नियमावली में प्रवृत्ति 8 वर्ष में स्नातक ग्रेड, 5 वर्ष में प्रधानाध्यापक एवं 12 वर्ष में वेतन उन्नयन का प्रावधान होने के बावजूद भी संबंधित शिक्षकों को उस लाभ से वंचित रखा गया है | वही ऐच्छिक स्थानांतरण की सुविधा का प्रावधान होने के बावजूद भी शिक्षकों को उसका लाभ नहीं दी जा रही है जो घोर चिंता का विषय है | अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षण दिलाने की व्यवस्था एवं प्रशिक्षण में अनुत्तीर्ण शिक्षकों के लिए पूरक परीक्षा का आयोजन नहीं किया जाना शिक्षकों के भविष्य के साथ धोखा है | वही दक्षता परीक्षा के आधार पर वार्षिक वेतन वृद्धि नहीं देना सरकारी आदेश का अवेहलना है | दक्षता अनुत्तीर्ण एवं दक्षता परीक्षा में अब तक सम्मिलित नहीं होने वाले शिक्षकों के लिए अविलंब समुचित व्यवस्था की जाए ताकि उन्हें आर्थिक क्षति नहीं सहना पड़े | शिक्षक नियमावली में संशोधन करने से पूर्व शिक्षक प्रतिनिधियों की राय अनिवार्य रूप से ली जाए ताकि नई नियमावली आने के बाद शिक्षकों को व्याप्त त्रुटियों को समाधान कराने हेतु आंदोलन नहीं करना पड़े | इस दौरान आलोक कुमार सिंह,शशि रजक,सुधीर कुमार सिंह, उमाशंकर सिंह, सुरेश कुमार गुप्ता, कमेंद्र कुमार, सुनील कुमार रंजन, रविनंदन, संतोष कुमार,अरविंद कुमार सिंह, सुनील कुमार सिंह,रामाशीष सिंह, देवेश कुमार, संजय कुमार पांडे,संजय कुमार सिंह, आलोक कुमार सहित अन्य उपस्थित थे।

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