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मौलाना आजाद ने रखी आजाद भारत की शैक्षिक यात्रा की मजबूत नीव: डॉ शम्भू

विवेकानंद वीआईपी विद्यालय में धूमधाम से मना शिक्षा दिवस

औरंगाबाद, कपिल कुमार

शुक्रवार को विवेवेकानंद विज़न आइडियल पब्लिक स्कूल में एक कार्यक्रम आयोजित कर देश के प्रथम शिक्षा मंत्री देश रत्न मौलाना अबुल कलाम की जयंती पर उन्हें याद किया गया। प्रार्थना सभा में निदेशक डॉ शंभू शरण सिंह,चेयरमैन मनीष वत्स, उपप्राचार्य संजीव कुमार ने मौलाना कलाम के तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला।
निदेशक डॉ सिंह ने कहा कि भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री, भारत रत्न अबुल कलाम आज़ाद ने स्वाधीन भारत की शैक्षिक यात्रा को स्वर्णिम ,यादगारऔर नवोन्मेषी ढांचे पर गतिमान किया। टूटे भारत की नई पीढ़ी की जरूरतों और वैश्विक परिदृश्य के साथ समन्वित शैक्षिक व्यवस्था तब एक बड़ी चुनौती थी ।मौलाना आजाद ने टूटे भारत के सपनो को आसमानी उड़ान देने की अविराम यात्रा का आगाज किया ।
उन्होंने प्रार्थना सभा को संबोधित करते हुए मौलाना कलाम को एक सच्चा राष्ट्र भक्त बताया, जिन्होंने अपनी अंतिम सांसों तक राष्ट्रहित की बात सोची।कहा कि आज भारत की तो उन्नति है मौलाना कलाम जैसे महापुरुषों की देन है।उन्होंने देश की शिक्षा ढाँचे को सुदृढ़ करने में अपना महत्वपूर्ण और दूरदर्शी सोच दिया।भारतीय प्राधौगिकी संस्थान, साहित्य और कला अकादमी, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के साथ-साथ प्रारंभिक शिक्षा के लिए उन्होंने अपना योगदान दिया।वे एक सफल पत्रकार, लेखक , विचारक, वक्ता और महान विद्वान के साथ साम्प्रदायिक सौहार्द के प्रबल समर्थक थे।चेयरमैन मनीष वत्स ने कहा कि राष्ट्र की आज़ादी से लेकर निर्माण तक मे मौलाना अबुल कलाम जी के योगदान को भुलाया नही जा सकता।शिक्षा के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए सम्पूर्ण कृतज्ञ राष्ट्र आज उनकी जयंती को “शिक्षा दिवस” के रूप में मना रहा है।उपप्राचार्य ने शिक्षा को उन्नति के लिए अनमोल बताते हुए छात्रों को मौलाना साहब की जीवनी से प्रेरणा लेने की बात कही।विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखा।
शिक्षा दिवस के इस अवसर पर विद्यालय में विवेक तरंग के तहत कई प्रकार के शैक्षणिक और ग़ैर शैक्षणिक प्रतिस्पर्धाओ का आयोजन किया गया।जिसमें छात्रों ने अपनी रुचि के अनुसार भाग लिया।चेयरमैन ने कहा कि इस प्रकार के प्रतियोगिताओ का उद्देश्य बच्चों में सर्वांगीण विकास है।बच्चे तन और मन दोनों तरह से स्वस्थ होंगे तभी वे अपने लक्ष्य तक पहुँचकर एक भद्र नागरिक के रूप में राष्ट्रहित में अपनी जिम्मेवारियों का निर्वहन कर सकेंगे।इस अवसर पर पूरा विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।

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