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औरंगाबाद:बिहार राज्य डाटा ऑपरेटर संघ के औरंगाबाद जिला इकाई द्वारा अपनी मांगों को लेकर हड़ताल किया गया।

औरंगाबाद :बेल्ट्रोन के माध्यम से संविदा के आधार पर बिहार सरकार के विभिन्न विभागों / कार्यालयों / न्यायालयों / निगमों/बोर्डों / प्राधिकारों / आयोगों / शिक्षण संस्थानों आदि अन्य सरकारी संस्थाओं में कार्यरत सभी प्रोग्रामर/आशुलिपिक/डाटा इन्ट्री/कम्प्यूटर आॅपरेटर एवं आई0 टी0 ब्याॅज/गल्र्स का विभागीय सेवा समायोजन करने एवं अन्य गंभीर समस्याओं के निराकरण हेतु चरणबद्ध आंदोलन के क्रम में दिनांक 28.11.2023 एवं 29.11.2023 को दो दिवसीय शांतिपूर्ण हड़ताल के मद्देनजर धरना कार्यक्रम किया गया।

उपर्युक्त विषय से संबंधित बेल्ट्रोन, पटना के माध्यम से बिहार सरकार के विभिन्न कार्यालयों में कार्यरत डाटा इन्ट्री आॅपरेटर है। पूरे बिहार में लगभग बीस हजार से अधिक सरकार के विभिन्न कार्यालयों में डाटा इन्ट्री आॅपरेटर कार्यरत है।डाटा इन्ट्री आॅपरेटर के समस्याओं से संबंधित विस्तृत विवरणी जिलाधिकारी को सौंपा गया। विवरण में निम्नलिखित मांग डाटा ऑपरेटरों द्वारा रखा गया.

1. वर्तमान व्यवस्था के तहत् डाटा इन्ट्री आॅपरेटर का सेवा वाह्य सेवा प्रदाता एजेंसी द्वारा लेने के कारण बिहार सरकार का प्रत्येक माह प्रत्येक डाटा इन्ट्री आॅपरेटर पर 18ः ळैज् के अलावा वाह्य एजेंसी के लिए सेवा कर के रूप में पैसा काटती है, दोनों मिलाकर प्रत्येक माह बीस (20) करोड़ों रूपये से अधिक की राशि केन्द्र सरकार तथा वाह्य एजेंसंी को ब्यर्थ में भुगतान किया जा रहा है। यदि आउटसोर्स व्यवस्था को समाप्त करते हुए डाटा इन्ट्री/कम्प्यूटर आॅपरेटर की सेवा सीधे विभाग में समायोजन कर दिया जाय तो एक ओर सरकार पर भी कोई अतिरिक्त वित्तीय भार भी नहीं पडेगा साथ ही डाटा इन्ट्री आॅपरेटर की सेवा भी सुरक्षित हो जायेगी।

2. हम डाटा इन्ट्री आॅपरेटर को सरकारी कर्मी के भाँति को गंभीर बीमारी के कारण चिकित्सकीय उपचार कराने के लिए लम्बी अवकाश की आवश्यकता पड़ती है इस समस्या के समाधान के लिए सरकारी कर्मियों के लिए वर्ष में 33 दिनों का उपार्जित अवकाश दिया जाता है। परन्तु हम डाटा इन्ट्री आॅपरेटरों को इस सुविधा से वंचित रखा गया है, जिसकेे कारण स्वयं या अपने निजी परिवार को बिमारी आदि की स्थिति में अनुपस्थित रहने पर वेतन की कटौती कर ली जाती है। क्या हम डाटा इन्ट्री आॅपरेटरों को उपरोक्त प्रकार के आपत्ति/विपत्ती के क्षण में अवकाश की आवश्यकता नहीं है ? इसलिए हम डाटा इन्ट्री आॅपरेटरों को भी वर्ष में 33 दिनों का उपार्जित अवकाश साथ ही हमे ग्रेच्यूटी का लाभ आदि अन्य सभी मांग मिलनी चाहिए।

3. प्रायः यह देखा जा रहा है कि बिहार सरकार के सरकारी कार्यालयों में 10 वर्षो से अधिक समय से लगातार डाटा इन्ट्री आॅपरेटर कार्य करते जा रहे है इसके बावजूद भी उनकी सेवा सुरक्षा की कोई गारन्टी नहीं है। हर समय उनकी सेवा पर तलवार लटकता नजर आता है, जिसके फलस्वरूप डाटा इन्ट्री आॅपरेटरों के कार्य क्षमता में लगातार ह्रास होता रहता है। वहीं दूसरी ओर हमारे पडोस के राज्य झारखण्ड सरकार के अस्तित्व में आए हुए कुछ ही वर्ष हूए है पर वहाँ के लोकप्रिय सरकार द्वारा 10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले सभी डाटा इन्ट्री आॅपरेटरों को नियमित करते हुए उन्हे सभी सुविधाएं सरकारी कर्मी के भाँति उपलब्ध कराई जा रही है।

वर्तमान समय में सरकार के डिजिटलाईजेशन कार्यक्रम के अन्तर्गत हम डाटा इन्ट्री आॅपरेटर का कार्य बहुत ही महत्वपूर्ण हो गया है सरकार के सारे कार्य कम्प्यूटर के द्वारा ही निष्पादित किए जाते है साथ ही हमलोग सीघे पदाधिकारियों के नजदीक रहते है जिसके कारण हमारे कार्यो में किसी प्रकार ही लापरवाही या कोताही नहीं बरती जाती है। फिर भी सरकार द्वारा हमलोग को लगातार उपेक्षा की जा रही है। जिस विभाग में कुछ भी कार्य नहीं किया जाता है उनलोगों को सरकार तरक्की के उपर तरक्की तथा दुगुना वेतन बढ़ा रही है। लेकिन हमलोगों का कार्य इतना महत्वपूर्ण रहने के बावजूद भी हमलोगों के उपर सरकार का कोई ध्यान नहीं है।

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